अमृतसर, 7 मार्च : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की आंतरिक कमेटी की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पीटीसी चैनल द्वारा एसजीपीसी का बकाया होने को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह और ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब से पीटीसी चैनल के माध्यम से किए जा रहे गुरबाणी प्रसारण के लगभग 8 करोड़ रुपये बकाया होने के दावे पर धामी ने कहा कि यह पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
श्री अकाल तख्त के आदेश पर शुरू किया गया यूट्यूब चैनल
उन्होंने बताया कि एसजीपीसी ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के अनुसार अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। बाद में संगतों की मांग और भावनाओं को देखते हुए पीटीसी चैनल पर भी गुरबाणी प्रसारण जारी रखने का निर्णय लिया गया।
पीटीसी ने अपने सेटअप से चलाया वेब चैनल
धामी ने कहा कि चैनल चलाने के लिए विभिन्न कंपनियों से बातचीत की गई थी, लेकिन उन्होंने हर महीने बड़ी राशि खर्च के रूप में मांगी थी। इसके विपरीत पीटीसी चैनल ने अपना सेटअप लगाकर एसजीपीसी का वेब चैनल बिना किसी खर्च के चलाया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अपना सैटेलाइट चैनल शुरू करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। इस संबंध में केंद्रीय प्रसारण मंत्री से मुलाकात कर लिखित रूप में चैनल शुरू करने की मांग भी की गई है।
सरकारी मंजूरी न मिलने से आ रही अड़चन
धामी ने बताया कि धार्मिक संस्था होने के कारण सरकार की ओर से एसजीपीसी को निजी चैनल शुरू करने की मंजूरी नहीं मिल रही है। इस मामले में अब अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी अपने यूट्यूब चैनल पर गुरबाणी प्रसारण के लिए न तो पीटीसी को कोई पैसा दे रही है और न ही नए समझौते के तहत कोई राशि ले रही है।
गौरतलब है कि पहले पीटीसी चैनल द्वारा गुरबाणी प्रसारण के लिए एसजीपीसी को करीब दो करोड़ रुपये सालाना दसवंद दिया जाता था। लेकिन विवाद शुरू होने के बाद वर्ष 2023 में यह समझौता समाप्त कर दिया गया और यूट्यूब चैनल चलाने का पूरा खर्च समझौते के तहत पीटीसी चैनल पर डाल दिया गया।
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