चंडीगढ़, 28 मार्च : पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह का आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने Max Hospital में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज जारी था। लाल सिंह के निधन से पंजाब की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। वे पार्टी के अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे, जिनका क्षेत्रीय और संगठनात्मक स्तर पर मजबूत प्रभाव था।
1980 के दशक में शुरू हुआ सियासी सफर
लाल सिंह ने अपना राजनीतिक करियर 1980 के दशक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ शुरू किया। संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने पटियाला क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और धीरे-धीरे एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे। उन्हें पहली बड़ी सफलता 1992 में मिली, जब वे पटियाला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2002, 2007 और 2012 में भी जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की।
कैबिनेट मंत्री के रूप में अहम भूमिका
कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करते हुए खाद्य और आपूर्ति समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया के माध्यम से लाल सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें पार्टी का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनकी सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।
राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक
पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस दुखद घड़ी में शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
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