नई दिल्ली, 8 अप्रैल : United States और Iran के बीच दो हफ्तों के लिए युद्धविराम हो गया है, जिसे Israel ने भी स्वीकार कर लिया है। इस समझौते में Pakistan की मध्यस्थता की बात सामने आई है, जिससे लेकर भारत में विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर हो गया है। कांग्रेस नेता सहित अन्य नेताओं ने भारत की विदेशी डिप्लोमेंसी पर भी सवार उठाए।
सीजफायर के ऐलान के बाद Jairam Ramesh ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान की भूमिका ने उनकी “पर्सनल डिप्लोमेसी” को झटका दिया है। जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा कि विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान को पहले खारिज किया गया था, लेकिन अब हालात अलग हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “स्वयंभू विश्वगुरु” की छवि को नुकसान पहुंचा है।
विदेश नीति पर सियासी घमासान जारी
Priyanka Chaturvedi ने सवाल उठाया कि भारत को इस बातचीत का हिस्सा क्यों होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह भारत की लड़ाई नहीं थी और पाकिस्तान की भूमिका पर भी तंज कसा। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने कहा कि युद्धविराम के बाद Strait of Hormuz फिर से खुल गया, जो पहले भी खुला था। उन्होंने सवाल किया कि 39 दिन चले इस युद्ध से आखिर अमेरिका को क्या हासिल हुआ।
सीजफायर के बाद भारत में विदेश नीति को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है, जहां विपक्ष सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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