चंडीगढ़, 13 अप्रैल : पंजाब विधानसभा ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। जैसे ही स्पीकर ने बिल पास होने की घोषणा की, पूरा सदन “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से गूंज उठा। बहस के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भरोसा दिलाया कि यह बिल पूरी तरह मजबूत कानूनी आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई भी ऐसी “चोर खिड़की” नहीं छोड़ी गई जिससे दोषी बच सकें। यह कानून इतना सख्त है कि भविष्य में किसी नए बेअदबी विरोधी कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बेअदबी पर सख्त सजा का प्रावधान
इस संशोधन बिल के तहत पवित्र ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के लिए कड़ी सजा तय की गई है। सजा का प्रावधान 10 साल से लेकर उम्रकैद तक रखा गया है। विधानसभा ने ‘पंजाब पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध अपराध रोकथाम बिल, 2025’ की समीक्षा कर रही सेलेक्ट कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय भी दे दिया है।
यह फैसला बिल के कानूनी पहलुओं पर और गहराई से विचार करने के लिए लिया गया।
खास मौके पर बुलाया गया विशेष सत्र
यह बिल खालसा पंथ के साजना दिवस के अवसर पर बुलाए गए विशेष सत्र में पेश किया गया। सत्र का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रहा और कार्यवाही शुरू होने से पहले शबद-कीर्तन किया गया। सदन की कार्यवाही की शुरुआत मूल मंत्र के पाठ के साथ हुई। इस दौरान विभिन्न सिख संप्रदायों के प्रमुख भी सदन में मौजूद रहे, जिससे माहौल और अधिक श्रद्धामय बन गया।
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