बर्मिंघम, 23 अप्रैल: इंग्लैंड में एक 20 वर्षीय सिख युवती के साथ 32 वर्षीय अंग्रेज व्यक्ति द्वारा वालसॉल में दुष्कर्म करने का आरोप स्वीकार किया गया है। बर्मिंघम क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी ने युवती के घर में घुसकर उस पर हिंसा, दुष्कर्म, लूटपाट और धार्मिक आधार पर दुर्व्यवहार करने के आरोप स्वीकार किए।
जॉन एशबाय नामक आरोपी पर बर्मिंघम क्राउन कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। उसे पिछले साल 25 अक्टूबर की घटना के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किया गया था। शुरुआत में उसने यौन हमले, गला घोंटने, नस्ली रूप से प्रेरित शारीरिक हमले और लूट के आरोपों से इनकार किया था।
अदालत में आरोपी ने कहा – मुझे लगा वह मुस्लिम है
सुनवाई के दौरान ज्यूरी को बताया गया कि आरोपी ने युवती का बस स्टॉप से पीछा किया और उसके घर में घुसकर उस पर हमला किया। घटना के दौरान उसने उसे मुस्लिम समझकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 वर्षीय पीड़िता ने बाथरूम का दरवाजा बंद करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने जबरदस्ती अंदर घुसने का प्रयास किया। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह उसी बस में सवार था और फिर उसका पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंचा।
अदालत को बताया गया कि बाहर किसी आवाज से घबराकर आरोपी मौके से भाग गया और पीड़िता के गहने व मोबाइल फोन साथ ले गया। पीड़िता ने तुरंत अलार्म बजाया, जिससे पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ दिनों बाद पहचान परेड में आरोपी की पहचान कर ली गई। सुनवाई के दौरान एक सिख व्यक्ति ने अदालत में अपना गुस्सा व्यक्त किया, जिसके कारण जज ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी, जब आरोपी को सजा सुनाई जाएगी।
स्थानीय पुलिस अधिकारी फिल डॉलबे ने कहा कि इस घटना से सिख समुदाय में डर और चिंता का माहौल पैदा हुआ है। पुलिस ने स्थानीय धार्मिक संस्थाओं और समुदाय के नेताओं के साथ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा भी की है।

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