चंडीगढ़, 28 अप्रैल : पटियाला के राजपुरा-शंभू रेल सेक्शन पर हुए धमाके और बटाला में दो युवकों की हत्या की घटनाओं ने पंजाब की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी ने इन घटनाओं को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पटियाला में रेल ट्रैक पर हुए धमाके और बटाला में हुई हत्या की वारदातों ने आम लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।
कांग्रेस ने इन घटनाओं को “चिंताजनक संकेत” बताया है। पार्टी का कहना है कि पंजाब में मुश्किल से कायम हुई शांति अब खतरे में है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक मामलों में उलझी हुई है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।
अकाली दल ने बताया इंटेलिजेंस फेल्योर
सुखबीर सिंह बादल, जो शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख हैं, ने इस धमाके को “गंभीर इंटेलिजेंस फेल्योर” करार दिया। उन्होंने दावा किया कि संभावित खतरे की जानकारी पहले से मौजूद थी, फिर भी सुरक्षा एजेंसियां समय पर सतर्क नहीं हो सकीं। बादल ने पिछली घटनाओं जैसे पुलिस स्टेशनों पर हमले और स्टेट इंटेलिजेंस मुख्यालय पर RPG अटैक का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं राज्य की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इन घटनाओं के बाद पंजाब में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर पंजाब में सुरक्षा, इंटेलिजेंस और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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