नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन में एक अनोखा अनुभव साझा किया। उन्होंने 33 साल पहले ब्रह्मलीन हो चुके आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार यानी होलोबॉट से बातचीत की।
इस तकनीक के जरिए ऐसा लगा मानो स्वामी चिन्मयानंद स्वयं प्रधानमंत्री के सामने मौजूद हों और उनसे बात कर रहे हों। पीएम मोदी ने 1993 में स्वामी जी से हुई अपनी मुलाकात को याद किया और उनसे अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए आशीर्वाद मांगा।
स्वामी चिन्मयानंद के होलोबॉट से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरा सौभाग्य था कि मैं आपसे मिला था और आज मैं चाहता हूं कि आप मुझे उन कार्यों के लिए आशीर्वाद दें जिन्हें मैं पूरा करना चाहता हूं।”
पीएम मोदी ने इस बातचीत को एक अलग तरह का आध्यात्मिक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए संतों का आशीर्वाद है। चिन्मय मिशन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक संस्था नहीं बल्कि चिन्मय विचार का प्रतिनिधित्व करता है।
स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार ने जवाब में 1993 की मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि तुम शिकागो में होने वाली विश्व धर्म संसद की शताब्दी के आयोजन में मुझे आमंत्रित करने के लिए फरवरी 1993 में वडोदरा आए थे। मैंने उस समय तुमसे कहा था कि अब मेरी उम्र हो गई है। ये बूढ़ा और बीमार व्यक्ति इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। अब हिंदू युवाओं को यह जिम्मेदारी संभालनी होगी। उसी वर्ष आयोजकों को भी मैंने यही बात लिखी थी।”
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