चंडीगढ़, 05 अक्टूबर 2026: चुनाव आयोग के फैसलों और कामकाज के तरीके पर उठे गंभीर सवाल अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने और उनके कथित अकेले लिए गए फैसलों को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार 5 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। आरोप है कि कुछ फैसले और बदलाव दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की सहमति के बिना हुए।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ राकेश कुमार सिंह और अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। राकेश कुमार सिंह ने मांग की है कि अंतिम सुनवाई तक ज्ञानेश कुमार CEC के रूप में काम न करें। आयोग का काम दोनों अन्य निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मत राय से चले।
शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की याचिका में CEC और अन्य अधिकारियों के खिलाफ आधिकारिक कर्तव्य के उल्लंघन को लेकर आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग भी है। याचिका में 2023 के कानून की धारा 18 का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि आयोग में मतभेद होने पर बहुमत का फैसला लागू होता है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने ऐसे अधिकारों का व्यक्तिगत इस्तेमाल किया जो कानून के मुताबिक पूरे चुनाव आयोग के हैं। याचिका में उन फैसलों दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को चुनौती दी गई है जिन्हें कथित तौर पर दोनों अन्य आयुक्तों की सहमति के बिना किया गया।
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