वाशिंगटन, 28 मई : हाल के महीनों में, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में हार्वर्ड सहित कई विश्वविद्यालयों पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लगाए हैं, यह कहते हुए कि विश्वविद्यालयों को ‘राजनीतिक लड़ाई का मंच’ नहीं बनाना चाहिए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन छात्रों की जानकारी सरकार को दी जाए जो अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ हैं।
विद्यार्थियों के अपाइंटमेंट रोके
इस संदर्भ में, ट्रंप सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने दूतावासों को विश्वभर में छात्र वीजा के लिए अपॉइंटमेंट देने से रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, ट्रंप प्रशासन ने आवेदकों के सोशल मीडिया खातों की गहन जांच के लिए एक योजना पर काम करने की बात कही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे सुरक्षा और निगरानी के मुद्दों को गंभीरता से ले रहे हैं।
भारतीय विद्यार्थियों पर क्या होगा असर?
प्रति वर्ष, हजारों भारतीय छात्र अमेरिका के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाते हैं। इंटरनेशनल एजुकेशनल एक्सचेंज के लिए ओपन डोर 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 के शैक्षणिक वर्ष में लगभग 3.30 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में अध्ययन कर रहे थे।
अमेरिका में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत अगस्त में होती है, और इस समय जो छात्र नए सत्र के लिए वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं, वे इस स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के ज्ञापन में दूतावासों को निर्देश दिया गया है कि वे वीजा के इच्छुक छात्रों के सभी अधूरे अपॉइंटमेंटस हटा दें।
यह भी देखें : https://bharatdes.com/big-allegation-by-australian-muslim-mp-fatima/

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