नई दिल्ली, 10 जून : सीबीआई ने उत्तर प्रदेश में एक निजी कंपनी पर जुर्माना माफ करने के लिए कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधीक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया दूसरा व्यक्ति एक कर वकील है जो मामले में शिकायतकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
जुर्माना माफी के लिए 4 लाख की मांग
उन्होंने कहा कि सीजीएसटी अधीक्षक निशान सिंह मल्ली ने कथित तौर पर एक व्यवसायी को जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना नोटिस जारी किया था। मल्ली ने कर वकील अमित खंडेलवाल के साथ मिलकर व्यवसायी से उसकी कंपनी पर जुर्माना माफ करने के लिए 4 लाख रुपये की मांग की। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, कर वकील शिकायतकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
हालांकि, उसने अधीक्षक सीजीएसटी अमरोहा के साथ साजिश रची और शिकायतकर्ता पर आरोपी अधीक्षक को 4 लाख रुपये के अवैध लाभ की मांग को पूरा करने के लिए दबाव डाला। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि व्यवसायी ने रिश्वत देने में अनिच्छा की शिकायत के साथ सीबीआई से संपर्क किया। बयान में कहा गया है कि एजेंसी ने एक जाल बिछाया जिसके दौरान अधीक्षक और वकील को रिश्वत के रूप में मांगे गए कुल 4 लाख रुपये की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
यह भी देखें : 8 साल छोटे बॉयफ्रेंड ने 2 बच्चों की मां को 17 बार चाकू घोंपा

More Stories
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अनुकल्प मिश्रा समेत 3 आरोपियों के घर से 10 लाख के जेवर और 2 लाख कैश बरामद
पूर्व मेदिनीपुर से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने गया ट्रॉलर लापता, 15 मछुआरे भी गायब
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश जारी, 10 जुलाई की आधी रात तक 180-250 mm तक बारिश का अनुमान