देहरादून, 11 जून: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार ने वर्ष 2029 तक तीन लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि उस समय तक भारत का रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा। मंगलवार को देहरादून में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 21वीं सदी में सूचना युद्ध के बढ़ते प्रभाव पर भी प्रकाश डाला और लोगों से “सामाजिक सिपाही” बनने की अपील की ताकि वे झूठ को पहचानें, अफवाहों को रोकें और समाज में जागरूकता फैलाएं।
राजनाथ सिंह ने कहा, “डेटा और जानकारी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन यह आज सबसे बड़ी चुनौती भी बन चुकी है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने नकली वीडियो, फर्जी खबरों और पोस्ट्स के ज़रिए हमारे सैनिकों और नागरिकों का मनोबल तोड़ने की साजिश रची।”
उन्होंने चेताया कि भले ही सैन्य संघर्ष बंद हो चुके हैं, लेकिन सूचना युद्ध अभी भी जारी है। अगर लोग बिना जांचे-परखे झूठी खबरें साझा करते हैं, तो वे अनजाने में दुश्मन का हथियार बन सकते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर साइबर सुरक्षा पर काम कर रही है, लेकिन हर नागरिक को “पहला जवाब देने वाला” बनना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब केवल अपनी सीमाओं की रक्षा ही नहीं कर रहा, बल्कि एक ऐसी प्रणाली बना रहा है जो देश को रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत बना रही है।
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