नई दिल्ली, 31 जुलाई : फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स के सीईओ मार्क ज़करबर्ग पिछले कुछ समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर काफ़ी ध्यान दे रहे हैं। इसीलिए वह अपनी नई सुपर इंटेलिजेंस लैब में टॉप टैलेंट लाने के लिए बड़ी-बड़ी नौकरियों के ऑफर दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी इस कोशिश को उस समय बड़ा झटका लगा जब थिंकिंग मशीन्स लैब की पूरी टीम ने मेटा के बड़े ऑफर ठुकरा दिए। जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि थिंकिंग मशीन्स लैब एक अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप है, जिसका संचालन ओपनएआई की पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी मीरा मूर्ति करती हैं।
किसी ने भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया
वायर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई की पूर्व सीटीओ मीरा मूर्ति अब थिंकिंग मशीन्स लैब की संस्थापक हैं। उन्होंने बताया है कि उनकी टीम को अब तक 20 करोड़ डॉलर से लेकर एक अरब डॉलर तक के जॉब ऑफर मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी टीम में से किसी ने भी मेटा का ऑफर स्वीकार नहीं किया है। मेटा के कम्युनिकेशन डायरेक्टर ने इस पर आपत्ति जताई है।
मीरा कहती हैं कि उनकी टीम पैसों से ज़्यादा आज़ादी और एआई के भविष्य को अपनी शर्तों पर आकार देने को महत्व देती है। यही वजह है कि कोई भी शोधकर्ता मेटा जैसे बड़े कॉर्पोरेट ढाँचे में काम करने के लिए तैयार नहीं हुआ। हालाँकि, दूसरी ओर, मेटा के संचार निदेशक एंडी स्टोन ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हमने कुछ ही लोगों को प्रस्ताव दिए थे और बड़े प्रस्ताव का विवरण ठीक से नहीं दिया गया था।
कंपनी ने 1 बिलियन डॉलर का वित्तपोषण जुटाया।
बड़े-बड़े प्रस्तावों को ठुकराने के बाद, थिंकिंग मशीन्स लैब ने बिना कोई उत्पाद लॉन्च किए, 1 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर धन जुटा लिया है। वहीं, कुछ उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि मीरा मूर्ति का नेतृत्व और सोच ही उनकी टीम को एकजुट होकर काम करने में मदद कर रही है।
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