काठमंडु, 9 सितंबर : नेपाल में सोशल मीडिया बैन और सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे जेनरेशन जेड प्रदर्शनकारियों के आगे सरकार झुक गई है। पहले नेपाल के गृह मंत्री, कृषि मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने इस्तीफा दिया और अब नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी इस्तीफा दे दिया है। केपी शर्मा ओली ने आज शाम 6 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।
शाम 6 बजे एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई
ओली की ओर से जारी पत्र में कहा गया है, ‘मैं स्थिति का आकलन करने और एक सार्थक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित पक्षों से बात कर रहा हूं। इसलिए, मैंने आज शाम 6 बजे एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है। मैं सभी भाइयों और बहनों से विनम्र निवेदन करता हूं कि इस कठिन परिस्थिति में धैर्य बनाए रखें।’ लेकिन बैठक से पहले ही ओली ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी।
विरोध प्रदर्शन सोमवार को शुरू हुआ
नेपाल सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के खिलाफ सोमवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को विरोध का स्तर व्यापक हो गया और युवाओं ने भ्रष्टाचार, आर्थिक असमानता और सरकारी कुप्रबंधन के आधार पर केपी ओली के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए प्रदर्शनकारी
दोपहर तक, सैकड़ों प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए। ओली ने तुरंत इस्तीफा दे दिया। कुछ घंटे पहले, प्रदर्शनकारियों ने बालाकोट स्थित उनके निजी आवास में आग लगा दी थी और मौतों की जवाबदेही की मांग की थी। बता दें कि नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 2019 लोग मारे गए हैं, जबकि 200 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने कल रात सोशल मीडिया साइट्स पर से प्रतिबंध हटा लिया था, लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी अड़े हुए हैं।
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