January 5, 2026

मोगा में कांग्रेस कार्यकर्ता की गोलियां मारकर दिनदहाड़े हत्या

मोगा में कांग्रेस कार्यकर्ता की गोलियां...

मोगा, 3 जनवरी : पंजाब के मोगा जिले में धरमकोट के निकट भिंडर कलां (खुर्द) गांव में शनिवार सुबह एक कांग्रेस कार्यकर्ता की सनसनीखेज हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कार सवार होकर पीड़ित पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें करीब 15-20 गोलियां चलीं। मृतक की पहचान उमरसीर सिंह उर्फ शीरा (उम्र करीब 38 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मोगा स्थित नेस्ले इंडिया में कर्मचारी और यूनियन लीडर भी थे।

राजनीतिक रंजिश का आरोप

सुबह करीब 7 बजे उमरसीर सिंह अपनी मारुति स्विफ्ट कार में ड्यूटी पर जा रहे थे। घर से कुछ दूरी पर ही काली कार में सवार 5-6 हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियां लगने से उमरसीर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए हैं

परिवार का दावा है कि यह हत्या पंचायत समिति चुनावों में राजनीतिक रंजिश के चलते हुई। उमरसीर के परिवारिक सदस्य ने कांग्रेस टिकट पर भिंडर खुर्द जोन से ब्लॉक समिति चुनाव जीता था। परिवार ने आरोप लगाया कि सत्ताधारियों के नेता उन्हें अपने साथ मिलाने का दबाव डाल रहे थे और मना करने पर यह वारदात करवाई गई। दोनों पक्षों के बीच 2018 में भी झड़प हो चुकी है।

पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शन और मांग

मृतक के भाई गुरविंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने गांव के मौजूदा सरपंच इंदरपाल सिंह सहित सात लोगों – गोविंदा, मनप्रीत सिंह, गगनदीप सिंह, बलकार सिंह, मनप्रीत सिंह बुग्घीपुरिया और दो अज्ञात – के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

वारदात के बाद पूर्व विधायक सुखजीत सिंह काका लोहगढ़ और जिला यूथ कांग्रेस प्रधान सोहन सिंह खेला के नेतृत्व में परिवार ने शव को धरमकोट थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन पर धरना खत्म किया गया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

सत्ता के खिलाफ खड़े होने की यही कीमत : बाजवा

पंजाब कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने घटना पर दुख जताते हुए सवाल उठाया कि क्या सत्ता के खिलाफ खड़े होने की यही कीमत है? उन्होंने कहा कि उमरसीर ने ब्लॉक समिति चुनाव में आप की हार सुनिश्चित की थी, जिसके बाद परिवार को धमकियां मिल रही थीं। पूर्व विधायक सुखजीत सिंह ने भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। यह घटना पंजाब में बढ़ती राजनीतिक हिंसा की ओर इशारा कर रही है। पुलिस ने मामले की गहन जांच का भरोसा दिया है।