चंडीगढ़, 15 फरवरी : हरियाणा में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब परिवहन मंत्री अनिल विज और कैथल की एसपी उपासना के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला 13 फरवरी 2026 को आयोजित शिकायत निवारण समिति की बैठक का है, जहां एक पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
जमीन धोखाधड़ी का मामला बना विवाद की वजह
बैठक के दौरान जमीन धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में पुलिस कर्मचारी के खिलाफ शिकायत पेश की गई। मंत्री अनिल विज ने मौके पर ही संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित (सस्पेंड) करने के निर्देश दिए। हालांकि, एसपी उपासना ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला कुरुक्षेत्र जिले के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए उनके पास सीधे तौर पर निलंबन की प्रशासनिक शक्ति नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस तेज हो गई।
“पावर नहीं है तो बैठक छोड़ दीजिए” मंत्री का सख्त रुख
एसपी के जवाब से नाराज मंत्री विज ने सार्वजनिक रूप से कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “अगर आपके पास पावर नहीं है तो बैठक से उठकर चली जाइए।” बैठक में मौजूद अधिकारियों और लोगों के सामने हुए इस संवाद ने माहौल को और गरमा दिया। बाद में एसपी उपासना ने कहा कि वह संबंधित पुलिस कर्मचारी के निलंबन के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखेंगी।
पहले भी अधिकारियों पर सख्ती दिखा चुके हैं विज
गौरतलब है कि हरियाणा की राजनीति में ‘गब्बर’ छवि रखने वाले अनिल विज पहले भी पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। साल 2024 में अंबाला में एक महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज न करने के मामले में उन्होंने एसएचओ को निलंबित करने के आदेश दिए थे। उनका मानना है कि पुलिस का काम केस दर्ज कर अदालत के सामने पेश करना है, न कि थाने में स्वयं फैसला सुनाना।
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