January 19, 2026

आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम, पंजाब में पोटाश खोज को मिलेगी रफ्तार

आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम...

चंडीगढ़, 19 जनवरीः पंजाब में धरती के नीचे पोटाश की खोज को तेज़ करने और भारत की पोटाश आयात पर भारी निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने घरेलू खनिज स्रोतों को मज़बूत करने की दिशा में प्रयास तेज़ कर दिए हैं। यह कदम न केवल कृषि क्षेत्र के लिए लाभकारी होगा, बल्कि किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सीधा फायदा पहुंचाएगा।

इस कड़ी में पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोटाश भंडार वाले संभावित क्षेत्रों में चल रही खोज गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य की प्राथमिकताएं तय की गईं। साथ ही खोज कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमाएं निर्धारित की गईं।

फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान विशेष रूप से फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहां पोटाश की बड़ी संभावनाएं सामने आई हैं। फील्ड सीजन 2025-26 के दौरान पूर्ण हुए खोज ब्लॉकों और जारी ड्रिलिंग कार्यों की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ फील्ड सीजन 2026-27 के लिए नई खोज योजनाओं का खाका भी तैयार किया गया।

भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि कबरवाला ब्लॉक और शेरगढ़-दलमीरखेड़ा ब्लॉक में जी-4 चरण की खोज पूरी हो चुकी है और भू-वैज्ञानिक मेमोरेंडम राज्य सरकार को सौंप दिए गए हैं। इसके अलावा राजपुरा-राजावाली और गिदड़ांवाली-अज़ीमगढ़ ब्लॉकों में ड्रिलिंग कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिनकी अंतिम रिपोर्टें रासायनिक विश्लेषण के बाद अप्रैल तक आने की उम्मीद है।

2026-27 के लिए नई खोज

आगामी फील्ड सीजन 2026-27 के लिए जीएसआई ने फाजिल्का जिले के केरा-खेड़ा और सईदवाला ब्लॉकों में खोज सर्वेक्षण तथा कंधवाला-रामसरा ब्लॉक में प्रारंभिक खोज का प्रस्ताव रखा है। इन प्रस्तावों में कुल 15 ड्रिलिंग साइटें शामिल हैं। जीएसआई अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के पूरे खनिज बेसिन का भू-भौतिक तरीकों से सर्वेक्षण किया जा रहा है। विस्तृत खोज के लिए लगभग 50 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है, जिसके लिए मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार को प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया जाएगा।

मासिक समीक्षा और तेज़ी लाने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चल रही ड्रिलिंग और मैपिंग गतिविधियों में तेज़ी लाई जाए और 2026-27 के लिए प्रस्तावित ब्लॉकों का कार्य समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने खनन एवं भू-विज्ञान विभाग और जीएसआई के बीच मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

किसानों और अर्थव्यवस्था को होगा सीधा लाभ

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पोटाश कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है और भारत अपनी लगभग 99 प्रतिशत आवश्यकता आयात से पूरी करता है। पंजाब में पोटाश की सफल खोज और भविष्य में उत्पादन से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और राज्य व देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे हर प्रयास को पूरा समर्थन दे रही है, ताकि देश को इस महत्वपूर्ण खनिज में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

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