February 4, 2026

तनाव के बीच अमेरिका-ईरान शुक्रवार को करेंगे परमाणु वार्ता

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दुबई, 4 फरवरी : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद दोनों देश एक बार फिर परमाणु बातचीत की मेज पर लौटने जा रहे हैं। शीर्ष स्तर के राजनयिकों के बीच यह अहम वार्ता शुक्रवार को तुर्किये में होगी, जिससे क्षेत्रीय युद्ध के खतरे को टालने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार तुर्किये के इस्तांबुल शहर में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच सीधी बातचीत होगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान निकालना है।

ट्रंप की सख्त चेतावनी

वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी युद्धपोत ईरान की ओर बढ़ रहे हैं और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रंप के इस बयान से माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है।

ईरान ने जताई तर्कसंगत बातचीत की इच्छा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि उनका देश निष्पक्ष और तर्कसंगत बातचीत चाहता है। उन्होंने विदेश मंत्री अब्बास अराघची को वार्ता में इसी रुख के साथ शामिल होने के निर्देश दिए हैं। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब पिछले महीने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिका-ईरान संबंध और बिगड़ गए हैं। इसके चलते पश्चिम एशिया में व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका भी बढ़ गई है।

अन्य देशों की भी भागीदारी

एक क्षेत्रीय राजनयिक के मुताबिक इस बातचीत में सऊदी अरब और मिस्र जैसे देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने कहा कि पश्चिम एशिया ईरान-अमेरिका के बीच किसी भी तरह का सैन्य टकराव नहीं चाहता।

अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने सोमवार को वार्ता बहाल होने की पुष्टि की। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, जिससे न केवल परमाणु विवाद बल्कि पूरे क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकल सके।

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