विनिपेग, 9 अप्रैल : कनाडा में जोनाथन ब्लैक-ब्रांच के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। उन पर 5,000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। यह वारंट 30 मार्च को जारी किया गया, जिसकी पुष्टि विनिपेग पुलिस ने की। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा में 2016 से 2020 तक लॉ फैकल्टी के डीन रहे ब्लैक-ब्रांच पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 6 लाख डॉलर से अधिक की राशि का दुरुपयोग किया। जांच में सामने आया कि यह पैसा विश्वविद्यालय कार्यक्रमों, सदस्यता शुल्क, आवास और भोजन जैसे खर्चों में लगाया गया।
विदेशी संस्थानों पर भारी खर्च
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, सबसे बड़ा हिस्सा करीब 5.18 लाख डॉलर दिसंबर 2017 से जुलाई 2019 के बीच प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर खर्च किया गया।
इनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। ब्लैक-ब्रांच की नौकरी जुलाई 2020 में समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद वह देश छोड़कर चले गए। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, उनका आखिरी ज्ञात पता ऑक्सफोर्ड (इंग्लैंड) था और उनके स्विट्जरलैंड में रहने की आशंका जताई गई है।
अदालत का फैसला और वसूली की प्रक्रिया
विश्वविद्यालय ने उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसमें मई 2025 में अदालत ने 6,79,269.98 डॉलर (ब्याज और कानूनी खर्चों सहित) चुकाने का आदेश दिया।
विश्वविद्यालय ने कहा है कि रकम की वसूली के लिए सभी कानूनी उपाय अपनाए जा रहे हैं। ब्लैक-ब्रांच को फरवरी में बार स्टैंडर्ड्स बोर्ड ने पांच पेशेवर कदाचार के मामलों में दोषी पाते हुए वकालत से निष्कासित कर दिया।
इससे पहले उन्हें फरवरी 2024 में लॉ सोसाइटी ऑफ मैनिटोबा भी वकालत से हटा चुकी है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा ने भविष्य में धोखाधड़ी रोकने के लिए नई नीतियां लागू की हैं और वित्तीय पारदर्शिता व नैतिक आचरण पर विशेष प्रशिक्षण भी शुरू किया है।
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