February 19, 2026

Winter Olympics 2026 में खिलाड़ियों को मिलेगा इतिहास का सबसे महंगा मेडल

Winter Olympics 2026 में खिलाड़ियों ...

नई दिल्ली, 19 फरवरी : इटली में आयोजित हो रहे विंटर ओलंपिक 2026 में खिलाड़ियों को 130 वर्षों के इतिहास का सबसे महंगा मेडल मिलने जा रहा है। इससे पहले कभी भी ओलंपिक खिलाड़ियों को इतने महंगे मेडल नहीं दिए गए। इसकी मुख्य वजह सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी है। बताया जा रहा है कि 6 फरवरी से शुरू हुए इन खेलों में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज के 700 से अधिक मेडल वितरित किए जाएंगे। ये मेडल जहां खिलाड़ियों के लिए सम्मान और उपलब्धि का प्रतीक होंगे, वहीं बाजार कीमत के लिहाज से भी रिकॉर्ड बनाएंगे।

इटली के मिलानो-कोरटीना में हो रहा आयोजन

विंटर ओलंपिक 2026 का आयोजन इटली के मिलानो-कोरटीना शहर में किया जा रहा है। इस दौरान स्केटिंग, आइस हॉकी, फिगर स्केटिंग और कर्लिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। दुनिया भर के खिलाड़ी इन खेलों में भाग ले रहे हैं।

मेडलों की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण सोने और चांदी की कीमतों में आया बड़ा उछाल है। Paris Olympics 2024 की तुलना में सोने की कीमत में करीब 107 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमत में 200 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है।

पेरिस ओलंपिक 2024 में मेडल की कीमत

पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान गोल्ड मेडल की बाजार कीमत लगभग 86,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1,90,000 रुपये हो गई है। यानी इसमें करीब 121 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सिल्वर मेडल की कीमत पहले लगभग 46,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1,15,000 रुपये हो गई है। इसमें करीब 156 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ब्रॉन्ज मेडल की कीमत 2024 में लगभग 380 रुपये थी, जो अब 21 प्रतिशत बढ़कर करीब 460 रुपये हो गई है।

क्या शुद्ध सोने का होता है गोल्ड मेडल?

ओलंपिक में दिया जाने वाला गोल्ड मेडल पूरी तरह शुद्ध सोने का नहीं होता। इसमें लगभग 6 ग्राम शुद्ध सोना प्लेटिंग के रूप में लगाया जाता है, जबकि इसका लगभग 99.9 प्रतिशत हिस्सा चांदी का बना होता है। गोल्ड मेडल का कुल वजन लगभग 506 ग्राम होता है। सिल्वर मेडल पूरी तरह चांदी से बना होता है, जबकि ब्रॉन्ज मेडल मुख्य रूप से तांबे से तैयार किया जाता है।

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