चंडीगढ़़, 25 मार्च : चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के समय मुख्यमंत्री भगवंत मान की अनुपस्थिति पर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाजवा ने इस परंपरा की ओर इशारा किया, जिसमें राष्ट्रपति या राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में प्रधानमंत्री तथा विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा बहस की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने सोमवार को बहस का समापन किया, जबकि मुख्यमंत्री शहर में होने के बावजूद विधानसभा में उपस्थित नहीं हुए।
किसानों, युवाओं और कर्नल से अभद्रता का भी उठाया मुद्दा
बाजवा ने मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि क्या बेरोजगार युवकों के साथ पुलिस द्वारा हिंसा की जा रही है, जिसका उदाहरण कर्नल पुष्पिंदर बाठ के मामले में देखा गया, जहां पुलिस कर्मियों ने उन्हें पीटा। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिससे विपक्ष को और भी सवाल उठाने का अवसर मिला है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था कि सरकार ने किसानों को घर बुलाकर उन्हें हिरासत में लिया है, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है।
बाजवा ने आम आदमी पार्टी की सरकार की नीतियों और कार्यों की भी आलोचना की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि मुख्यमंत्री विधानसभा में उपस्थित नहीं होते हैं, तो यह दर्शाता है कि सरकार अपने कर्तव्यों के प्रति कितनी गंभीर है।
इस स्थिति में, विपक्ष की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि उन्हें जनता के मुद्दों को उठाने और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का कार्य करना होता है।
यह भी देखें :https://bharatdes.com/punjab-government-appointed-inderpal-singh-as-distribution-director-of-pspcl/

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