नई दिल्ली, 26 फरवरी: देशभर में इन दिनों साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। ठग इनकम टैक्स रिफंड, 8वें वेतन आयोग और National Highways Authority of India (NHAI) से जुड़े FASTag के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में कई लोगों को ऐसे SMS और ईमेल मिले हैं, जिनमें टैक्स रिफंड, वेतन वृद्धि या FASTag एक्टिवेशन के नाम पर लिंक भेजे गए। ये लिंक दिखने में सरकारी पोर्टल जैसे लगते हैं और लोगों से बैंक डिटेल, PAN वेरिफिकेशन या OTP साझा करने को कहा जाता है। एक बार जानकारी साझा करते ही साइबर अपराधी बैंक खाते से रकम साफ कर देते हैं।
सरकारी एजेंसियों ने साफ किया है कि कोई भी विभाग SMS या ईमेल के जरिए OTP, CVV या बैंक पासवर्ड नहीं मांगता। टैक्स से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर ही जांचें। FASTag से जुड़ी जानकारी केवल NHAI या अधिकृत बैंक पोर्टल पर ही सत्यापित करें।
क्या है इनकम टैक्स रिफंड स्कैम?
इस स्कैम में ठग उन टैक्सपेयर्स को निशाना बनाते हैं, जो रिफंड का इंतजार कर रहे होते हैं। उन्हें संदेश भेजा जाता है कि उनका रिफंड अटका हुआ है या विवरण अधूरा है। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है, जहां उसकी गोपनीय जानकारी चुरा ली जाती है।
8वें वेतन आयोग के नाम पर APK स्कैम
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) के अनुसार, ठग इन दिनों WhatsApp पर सरकारी कर्मचारियों को एक APK फाइल भेज रहे हैं। दावा किया जाता है कि इससे नई सैलरी का कैलकुलेशन पता चल जाएगा। जैसे ही यह फर्जी ऐप इंस्टॉल की जाती है, मोबाइल में मालवेयर पहुंच जाता है, जो OTP और मैसेज तक पढ़ सकता है।
FASTag एनुअल पास स्कैम
FASTag एनुअल पास के नाम पर भी ठगी हो रही है। सर्च इंजन पर ‘पेड ऐड्स’ के जरिए फर्जी वेबसाइटें ऊपर दिखाई देती हैं। ये साइट्स मोबाइल नंबर, वाहन नंबर और पेमेंट डिटेल मांगती हैं। पेमेंट गेटवे असली जैसा दिखता है, लेकिन यहीं से फ्रॉड हो जाता है।

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