नई दिल्ली, 11 अप्रैल: मैसेजिंग ऐप WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Elon Musk ने कहा है कि “व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता।” उनके इस बयान के बाद बहस और तेज हो गई है। Pavel Durov ने भी व्हाट्सऐप पर निशाना साधते हुए इसे “सबसे बड़ी इन्क्रिप्शन धोखाधड़ी” करार दिया। यह विवाद अमेरिका में व्हाट्सऐप के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे के बाद सामने आया है, जिससे ऐप की सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी पर सवाल उठने लगे हैं।
मेटा ने आरोपों को बताया झूठ
व्हाट्सऐप की मालिक कंपनी Meta ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि व्हाट्सऐप पिछले दस वर्षों से सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग कर रहा है, जिससे संदेश एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहते हैं और उन्हें केवल भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर डिजिटल प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
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