February 11, 2026

भारत बंद: ट्रेड यूनियनों का दावा—करीब 30 करोड़ मजदूर होंगे शामिल

भारत बंद: ट्रेड यूनियनों का दावा...

नई दिल्ली, 11 फरवरी : देशभर की ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। इस हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाओं, परिवहन व्यवस्था और कुछ सरकारी दफ्तरों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने दावा किया है कि इस देशव्यापी हड़ताल में करीब 30 करोड़ मजदूर हिस्सा लेंगे।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार भागीदारी का स्तर पहले से कहीं अधिक रहेगा। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई 2025 को हुए विरोध प्रदर्शन में लगभग 25 करोड़ मजदूर शामिल हुए थे, जबकि 12 फरवरी की हड़ताल में कम से कम 30 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने की उम्मीद है।

पहले से ज्यादा भागीदारी का दावा

यूनियनों के अनुसार, यह बंद 600 से अधिक जिलों में कामकाज को प्रभावित करेगा, जबकि पिछले वर्ष के आंदोलन में लगभग 550 जिले शामिल हुए थे। यह विरोध केंद्र सरकार की कथित “मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉरपोरेट-समर्थक नीतियों” के खिलाफ किया जा रहा है। संयुक्त मंच ने कहा कि किसान संगठनों, खेत मजदूर यूनियनों, छात्र संगठनों, युवा समूहों और विभिन्न फेडरेशनों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है।

क्या रहेगा प्रभावित, क्या रहेगा जारी?

हालांकि आवश्यक सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन कई क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंकिंग सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, औद्योगिक इकाइयां और कुछ निजी संस्थान प्रभावित हो सकते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने इस हड़ताल को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। वहीं, खेत मजदूर संगठनों का मुख्य फोकस मनरेगा (MGNREGA) को प्रभावी ढंग से दोबारा लागू कराने पर रहेगा।

अमरजीत कौर ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में भी बंद का असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा और असम में व्यापक बंद रहने की उम्मीद है, जबकि अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर लोग शामिल होंगे। पेंडू और शहरी दोनों क्षेत्रों में जिला और ब्लॉक स्तर पर अभियान चलाए गए हैं और विभिन्न सेक्टरों में हड़ताल के नोटिस जारी किए जा चुके हैं।