बठिंडा, 18 फरवरी : अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के बैनर तले बुधवार को जिला डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर बड़े स्तर पर धरना देने की योजना बनाई गई है। हालांकि प्रशासन ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध कर दिए हैं। जिला पुलिस के अलावा पंजाब के विभिन्न जिलों से एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को बठिंडा की सीमाओं पर तैनात किया गया है।
सिपाही से लेकर डीआईजी स्तर तक के अधिकारी मैदान में डटे हुए हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर नाके लगाए गए हैं, जबकि बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रामपुरा के पास भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई है।
किसान नेता का ऐलान – “हर हाल में पहुंचेगे”
जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान ने वीडियो जारी कर कहा कि किसान हर हाल में धरना स्थल तक पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों से उनके किसान साथी जेल में बंद हैं। रिहाई के लिए कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मान ने कहा कि 6 फरवरी को जब किसान डीसी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, तो रामपुरा के गांव जेठूके के पास उन्हें रोक लिया गया था। आरोप है कि किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकार दबाने का आरोप
किसान नेताओं का कहना है कि 18 फरवरी के धरने को लेकर प्रशासन ने बैठकों के जरिए इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन किसानों ने डीसी कार्यालय के नजदीक ही प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल बठिंडा शहर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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