चंडीगढ़, 19 फरवरी : पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर चिंता व्यक्त की है। ये आरोप ज्ञानी रघबीर सिंह ने लगाए हैं, जो श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार और श्री दरबार साहिब के मौजूदा हेड ग्रंथी हैं। मंत्री बैंस ने कहा कि गुरु घर की जमीनों की बिक्री और कीमती धार्मिक ग्रंथों के गायब होने जैसे आरोपों ने दुनिया भर में बैठी सिख संगत को झकझोर दिया है। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि जिस संस्था का दायित्व कौम के हितों की रक्षा करना था, वह आज कथित तौर पर एक परिवार के राजनीतिक हितों की पूर्ति का केंद्र बनकर रह गई है।
“भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर गंभीर सवाल”
उन्होंने कहा कि जब कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी जैसे सम्मानित पद पर आसीन व्यक्ति भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर सवाल उठाता है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि स्थिति गंभीर हो चुकी है। मंत्री ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी आज सिख कौम की आवाज बनने के बजाय बादल परिवार के “रिमोट कंट्रोल” से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि कौम की संपत्ति को निजी तिजोरियों में बदलने की कोशिशें अब और बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
हरजोत सिंह बैंस ने मांग की कि इन सभी गंभीर आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि संगत के सामने सच्चाई स्पष्ट हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि एसजीपीसी को किसी एक परिवार के नियंत्रण से मुक्त कराकर उसे उसके गौरवशाली इतिहास के अनुरूप पूरी सिख कौम की भलाई के लिए कार्य करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
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