April 7, 2026

सीबीआई द्वारा ECHS घोटाले का पर्दाफाश, कई निजी अस्पतालों पर एफआईआर दर्ज

सीबीआई द्वारा ECHS घोटाले का पर्दाफाश...

चंडीगढ़, 7 अप्रैल: शहर के कई निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों को जबरन भर्ती कर फर्जी इलाज और बिलिंग के जरिए सरकार से भारी-भरकम क्लेम लेने का बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने कई अस्पतालों, उनके निदेशकों और स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि मरीजों को बिना जरूरत के अस्पताल में भर्ती किया जाता था।

उनके नाम पर फर्जी इलाज के रिकॉर्ड तैयार किए जाते थे, गैर-जरूरी टेस्ट करवाए जाते थे और दवाइयों के बिल बढ़ा-चढ़ाकर बनाए जाते थे। बाद में ये सभी बिल सरकार के पास क्लेम के रूप में पेश किए जाते थे। सीबीआई की जांच के दौरान जरूरी दस्तावेजों में जालसाजी, डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़ और डिजिटल सिग्नेचर के दुरुपयोग जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

अस्पतालों के बीच कमीशन का गठजोड़

जांच में ‘मंथन हेल्थकेयर’ और ‘धर्म अस्पताल’ के बीच लाखों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। एक एग्रीमेंट भी मिला है जिसमें आधा-आधा कमीशन बांटने का जिक्र है। इकट्ठी की गई रकम दोनों पक्षों में बांटी जाती थी। सीबीआई अब पूरी “मनी ट्रेल” तैयार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मरीजों के नाम पर लिया गया पैसा किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी शुरू हो सकती है।

ECHS अधिकारियों की मिलीभगत के संकेत

सीबीआई के अनुसार इस घोटाले में ECHS अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। मरीजों को बार-बार रेफर करना और क्लेम पास करवाना बिना अधिकारियों की सहायता के संभव नहीं था। जांच का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड के रूप में ‘मंथन हेल्थकेयर’ की निदेशक डॉ. रिंपल गुप्ता और डॉ. विकास शर्मा के नाम सामने आए हैं। उन्होंने अन्य अस्पतालों को साथ जोड़कर यह रैकेट चलाया।

धर्म अस्पताल के मालिक डॉ. अजय कुमार अग्रवाल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि उन्हें अभी तक आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन सीबीआई के अनुसार उन्होंने अपना सिस्टम मंथन हेल्थकेयर को सौंप रखा था।

अन्य नामजद संस्थाएं और व्यक्ति

इस मामले में मंथन हेल्थकेयर (सेक्टर-38), धर्म अस्पताल (सेक्टर-15), केयर पार्टनर हार्ट सेंटर (सेक्टर-19), बिल क्लर्क मनजीत सिंह और प्रवीण कुमार, ECHS पॉली क्लीनिक और रीजनल सेंटर के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। सीबीआई द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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