March 28, 2026

जनगणना : स्कूलों के अलावा अलग से काम लिए जाने से खफा हुए अध्यापक

जनगणना : स्कूलों के अलावा अलग से...

अमृतसर, 28 मार्च : अमृतसर में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है क्योंकि ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना (Drug and Socio-economic Census) के लिए 15,000 से अधिक शिक्षकों को गणनाकार (enumerators) के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश जिला शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा विकास अधिकारियों को दिए गए हैं।

“स्वैच्छिक ड्यूटी” पर सवाल

हालांकि इस ड्यूटी को “स्वैच्छिक” बताया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि घर-घर जाकर सर्वे करना उन पर थोपा जा रहा है। उनके अनुसार सरकार नशे और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े जुटाने के लिए शिक्षकों का इस्तेमाल कर रही है। फिरोजपुर में शिक्षकों ने कर्मचारी यूनियन के बैनर तले इन गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों को करने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और गरमा गया है।

आगे और ड्यूटी का दबाव

यह मामला यहीं खत्म नहीं होता। करीब 18,000 शिक्षकों को आने वाले महीनों में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के लिए BLO (ब्लॉक लेवल अधिकारी) के रूप में नियुक्त किए जाने की संभावना है, जिससे शिक्षकों की चिंता और बढ़ गई है। राज्य के लगभग 19,000 सरकारी स्कूलों में करीब 25.53 लाख छात्र पढ़ते हैं, जिनके लिए लगभग 1.25 लाख शिक्षक उपलब्ध हैं। इनमें से कई शिक्षक प्रशासनिक कार्यों में भी लगे हुए हैं।

एक शिक्षक वाले स्कूल सबसे ज्यादा प्रभावित

सबसे खराब स्थिति उन स्कूलों की है जहां केवल एक ही शिक्षक है। इसके अलावा कई स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात पहले से ही कमजोर है, जो चुनाव या अन्य गैर-शैक्षणिक ड्यूटी के दौरान और बिगड़ जाता है।

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