मेरठ, 5 मार्च : Central Board of Secondary Education (CBSE) और National Council of Educational Research and Training (NCERT) ने नई शिक्षा व्यवस्था के तहत 9वीं कक्षा के लिए संशोधित ड्राफ्ट पाठ्यक्रम जारी किया है। यह बदलाव National Education Policy 2020 और National Curriculum Framework 2023 के अनुसार किया गया है। नया पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू किया जाएगा।
इस नए सिलेबस में रटने की बजाय स्किल-आधारित शिक्षा, व्यावहारिक समझ और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष जोर दिया गया है।
9वीं-10वीं में इंटीग्रेटेड साइंस, 11वीं से अलग-अलग विषय
संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार 9वीं और 10वीं कक्षा में विज्ञान एक समेकित विषय (Integrated Subject) के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसके बाद 11वीं और 12वीं कक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान अलग-अलग विषयों के रूप में पढ़ाए जाएंगे, जिससे छात्रों को विषयों की गहराई से समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
नए पाठ्यक्रम में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को भी शामिल किया गया है। साथ ही विज्ञान शिक्षा को जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, टिकाऊ विकास और सामाजिक समानता जैसी वैश्विक चुनौतियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों ने बताया शिक्षा में बड़ा बदलाव
महावीर ग्रुप ऑफ स्कूल्स के निदेशक असीम कुमार दूबे के अनुसार यह बदलाव शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है। उनका कहना है कि अब विज्ञान केवल परीक्षा पास करने का विषय नहीं रहेगा, बल्कि यह छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। अगर यह पाठ्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह विद्यार्थियों को जिज्ञासु, नवाचारी और शोध-उन्मुख बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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