January 9, 2026

मुख्यमंत्री मान की जत्थेदार से स्पष्टीकरण के समय लाइव टेलीकास्ट की अपील

मुख्यमंत्री मान की जत्थेदार से स्पष्टीकरण...

चंडीगढ़, 8 जनवरी : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील की है कि 15 जनवरी को जब वह हिसाब-किताब के साथ अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेंगे, उस दौरान पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह बात अपने सोशल मीडिया पोस्ट (ट्वीट) के माध्यम से कही।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें दुनिया भर से संदेश मिल रहे हैं कि 15 जनवरी को जब वह संगत की गोलक का हिसाब-किताब लेकर जाएंगे, तो यह प्रक्रिया सभी चैनलों पर लाइव टेलीकास्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगत की भावनाओं का सम्मान करते हुए वह जत्थेदार साहिब से निवेदन करते हैं कि उनके स्पष्टीकरण का सीधा प्रसारण किया जाए, ताकि संगत पल-पल और पैसे-पैसे के हिसाब से पूरी जानकारी से जुड़ी रह सके।

15 जनवरी को पेश होने का मामला

गौरतलब है कि अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सिख-विरोधी मानसिकता के आरोपों के तहत 15 जनवरी को अकाल तख्त सचिवालय में तलब किया है।

सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप

मुख्यमंत्री को जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, मर्यादा और गुरु की गोलक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर सिख भावनाओं को आहत किया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वे संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक हरकत करते हुए नजर आ रहे हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री एक उच्च संवैधानिक पद पर बैठे हैं, लेकिन उनका व्यवहार राज्य की हठधर्मिता को दर्शाता है, जो सिख परंपराओं के विपरीत है।

जत्थेदार गड़गज्ज का सख्त रुख

मीडिया को संबोधित करते हुए जत्थेदार गड़गज्ज ने स्पष्ट किया था कि मुख्यमंत्री ‘पतित’ हैं और सिख परंपरा के अनुसार उन्हें अकाल तख्त साहिब की फसील के समक्ष पेश नहीं किया जा सकता। इसी कारण उन्हें 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में बुलाया गया है। जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि सिख रहित मर्यादा को चुनौती देने और सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आपत्तिजनक वीडियो की फोरेंसिक जांच करवाई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए, तो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ पंथक परंपराओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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