जालंधर, 11 मार्च : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित स्कूल ऑफ एमिनेंस विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत मंच बनकर उभर रहे हैं। आदमपुर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबी और सामाजिक असमानताओं को समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है।
स्कूल ऑफ एमिनेंस दे रहे हैं नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान विकसित कर रही है, ताकि हर क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के समान अवसर मिल सकें। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से पूरे राज्य में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये हाई-टेक स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल रहा है।
गरीबी मिटाने का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुफ्त योजनाओं या रियायती कार्डों से गरीबी और सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें गरीबी के चक्र से बाहर निकाल सकती है। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे शॉर्टकट अपनाने के बजाय जमीनी स्तर पर मेहनत करने की आदत डालें। उन्होंने कहा कि जो लोग धैर्य और परिश्रम के साथ आगे बढ़ते हैं, वही वास्तविक सफलता हासिल करते हैं।
सफलता के बाद भी विनम्र बने रहें
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बने रहना चाहिए। उपलब्धियों पर घमंड करने के बजाय लगातार आगे बढ़ने और नई उपलब्धियां हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सफल ही नहीं, बल्कि एक अच्छा और जिम्मेदार नागरिक बनने का भी प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ साहस और वीरता का प्रतीक भी है।
पंजाब के लोग दुनिया भर में अपनी मेहनत, बहादुरी और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पवित्र धरती महान गुरुओं, संतों, फकीरों और शहीदों की भूमि है, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है।
सरकार युवाओं को दे रही है उड़ान का मंच
मुख्यमंत्री ने सरकार की भूमिका की तुलना हवाई अड्डे के रनवे से करते हुए कहा कि जैसे रनवे विमान को सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करता है, उसी तरह राज्य सरकार युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए अवसर और मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब के विद्यार्थी आने वाले समय में बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे और राज्य व देश का नाम रोशन करेंगे।
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