February 17, 2026

किली चहलां रैली पर विवाद, पीएमओ को लिखी शिकायत

किली चहलां रैली पर विवाद...

कलानौर (गुरदासपुर), 17 फरवरी : लोकसभा हलका गुरदासपुर से सांसद Sukhjinder Singh Randhawa ने प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली को लिखित शिकायत भेजकर किली चहलां में आयोजित रैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक नियमों की अनदेखी करते हुए सरकारी कार्यक्रम को राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया।

‘नशों के खिलाफ मुहिम’ के नाम पर राजनीतिक रैली का आरोप

रंधावा ने कहा कि राज्य की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत आयोजित इस रैली का स्वरूप पूरी तरह राजनीतिक था। कार्यक्रम में पार्टी झंडों का प्रदर्शन, पक्षपातपूर्ण नारेबाजी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal की मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली से आए आप नेताओं की उपस्थिति और मंच से की गई राजनीतिक टिप्पणियों ने स्पष्ट कर दिया कि यह सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल का राजनीतिक आयोजन था।

मुख्यमंत्री और अधिकारियों की मौजूदगी पर सवाल

सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann द्वारा की गई राजनीतिक टिप्पणियां भी इस बात का संकेत देती हैं कि सरकारी मंच का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया। रंधावा ने मुख्य सचिव पंजाब और डीजीपी पंजाब की रैली में मौजूदगी पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह ऑल इंडिया सर्विसेज (आचरण) नियम, 1968 की भावना के विपरीत है और इससे प्रशासनिक व पुलिस तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

पीएमओ से हस्तक्षेप की मांग

रंधावा ने प्रधानमंत्री कार्यालय से आग्रह किया है कि संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस मामले की समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगने और राजनीतिक मंच तथा स्थायी सिविल सेवा के बीच स्पष्ट सीमा तय करने की मांग की है। सांसद ने कहा कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है और संस्थागत निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

यह भी देखें : नाबालिग की आपत्तिजनक वीडियो वायरल, समझौते के दबाव का आरोप