March 25, 2026

विधानसभा में एंट्री टैक्स पर गरमाई बहस, सरकार ने दी सफाई

विधानसभा में एंट्री टैक्स पर गरमाई...

शिमला, 25 मार्च : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में एंट्री टैक्स का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक राकेश जमवाल, सुखराम चौधरी और कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने हिमाचल की गाड़ियों पर टैक्स को लेकर सवाल किए। मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जितना मुद्दा बनाया जा रहा है, उतना टैक्स बढ़ाया नहीं गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों पर ही टैक्स लगाया गया है। टोल की नीलामी के जरिए 185 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जो बढ़कर 228 करोड़ तक पहुंच गया।

सीमावर्ती लोगों के लिए पास की मांग

कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने कहा कि उनके क्षेत्र के लोग रोजाना काम के सिलसिले में पंजाब आते-जाते हैं, इसलिए उन्हें पास की सुविधा दी जानी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की गाड़ियों पर कोई टैक्स नहीं है और FASTag से व्यवस्था जोड़ी गई है। पास देने पर विचार किया जा सकता है। पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने उत्तराखंड से रोज आने वाले लोगों को राहत देने की मांग की। वहीं नालागढ़ से कांग्रेस विधायक हरदीप बाबा ने सुझाव दिया कि सीमा से 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को पास दिया जाए। मुख्यमंत्री ने इस पर विचार का आश्वासन दिया।

तीन बैरियर पर टैक्स का मुद्दा उठा

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि अगर पंजाब सरकार भी एंट्री टैक्स लागू करती है तो लोगों को तीन बैरियर पर टैक्स देना पड़ेगा, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। सीएम ने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री और भाजपा नेता तथ्यों के आधार पर बयान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने को लेकर भी गलत जानकारी दी जा रही है।

सेस पर अंतिम फैसला अभी बाकी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल सेस लगाने के अधिकार के लिए बिल लाया गया है, जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद ही सरकार तय करेगी कि सेस लगाया जाए या नहीं। संभव है कि सरकार सेस न भी लगाए। सीएम ने कहा कि एंट्री और टोल टैक्स कोई नई व्यवस्था नहीं है, यह पिछले 30 वर्षों से लागू है और महंगाई को ध्यान में रखकर तय किया गया है।

इस मुद्दे पर कैबिनेट बैठक में दोबारा विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं।

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