April 7, 2026

मोगा रैली में मुख्य सचिव और डीजीपी की भूमिका की जांच की मांग

मोगा रैली में मुख्य सचिव और डीजीपी की...

चंडीगढ़, 18 फरवरी : कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आम आदमी पार्टी की मोगा रैली में पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी द्वारा मंच साझा करने के मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र भेजकर इस मामले में पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब करने और ऑल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स के संभावित उल्लंघन की समीक्षा करने की मांग की है।

‘सरकारी कार्यक्रम’ बनाने का आरोप

सांसद ने कहा कि मोगा की यह रैली राजनीतिक थी, लेकिन इसे सरकारी कार्यक्रम का रूप दिया गया। रैली में पार्टी के झंडों का प्रदर्शन और दर्शकों की पक्षपातपूर्ण नारेबाजी से इसका राजनीतिक स्वरूप स्पष्ट था। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि मंच पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ऐसे में मुख्य सचिव और डीजीपी की उपस्थिति और भागीदारी संवैधानिक प्रश्न खड़े करती है।

आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप

रंधावा ने लिखा कि ऑल इंडिया सर्विसेज (आचरण) नियम, 1968 का नियम 5 अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने से रोकता है। उनका कहना है कि अधिकारियों की ऐसी भागीदारी से निष्पक्षता के सिद्धांत को ठेस पहुंचती है। सांसद ने पीएमओ से मांग की है कि मोगा रैली में अधिकारियों की भूमिका को लेकर तथ्यों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।

यह भी देखें : मार्च के पहले सप्ताह में बजट सत्र बुलाएगी आम आदमी पार्टी सरकार