चंडीगढ़, 1 अप्रैल: भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने आज से राज्यभर में व्यापक नशा और सामाजिक-आर्थिक जनगणना (सर्वे) की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत 28,000 कर्मचारियों को 65 लाख परिवारों का सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस सर्वे का मुख्य मकसद राज्य में नशे की समस्या के फैलाव को समझना और लोगों की आय, शिक्षा तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करना है। उन्होंने कहा कि इस डेटा के आधार पर सरकार भविष्य में लक्षित और प्रभावी नीतियां तैयार करेगी।
तीन महीने में पूरा होगा सर्वे
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह सर्वेक्षण अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्य हेतु 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस जनगणना के जरिए जुटाए गए आंकड़े नशा पीड़ितों के लिए बेहतर पुनर्वास (rehabilitation) नीति तैयार करने में सहायक होंगे।
अब तक सरकार का फोकस सख्त कानून लागू करने पर था, लेकिन यह कदम पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण जानकारियां होंगी एकत्रित
सर्वे में नशा करने वालों से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी, जैसे किस प्रकार के नशे का इस्तेमाल हो रहा है नशा करने वालों की उम्र, शिक्षा स्तर, सामाजिक और आर्थिक स्थिति। इससे पहले 11 गांवों में पायलट स्टडी की जा चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक लोगों ने इस उम्मीद के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया कि इससे नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह सर्वे राज्य में नशे की समस्या को समझने और उसे जड़ से खत्म करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
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