चंडीगढ़, 19 मार्च: पंजाब सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह बात गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पंजाब स्टेट फूड कमीशन द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण सेमिनार के दौरान कही।
सेमिनार का आयोजन Punjab State Food Commission द्वारा एमजीएसआईपीए (MGSIPA), सेक्टर-26, चंडीगढ़ में किया गया। इसमें कनाडा के ओंटारियो प्रांत की एसोसिएट मंत्री नीना तांगड़ी और पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नीना तांगड़ी ने पंजाब के कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब और कनाडा के बीच तकनीक, ज्ञान और निवेश के आदान-प्रदान से दोनों क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है।
फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी किसानों की आय
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग उद्योग के विस्तार से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि पंजाब के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान भी मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। इससे कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन बढ़ेगी और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
उद्योग जगत और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
सेमिनार में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रमुख वक्ता एन. एस. बराड़ ने अपने उद्यमी अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंजाब में उच्च गुणवत्ता वाले फलों और सब्जियों के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी आज कई देशों में प्रोसेस्ड उत्पादों का निर्यात कर रही है। वहीं, डॉ. नरपिंदरपाल सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फूड टेक्नोलॉजी और रिसर्च में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।
अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय सहभागिता से नई दिशा
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विजय दत्त ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करते हैं। अंत में चेतन प्रकाश धालीवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोग की मेंबर सेक्रेटरी कन्नू थिंद ने नीना तांगड़ी को पंजाब की पारंपरिक फुलकारी भेंट कर सम्मानित किया।
इस सेमिनार ने स्पष्ट किया कि पंजाब में कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र के विकास के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ वैश्विक साझेदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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