न्यूयार्क, 15 फरवरी : अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में दिवंगत वित्तीय कारोबारी Jeffrey Epstein से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। ताजा जानकारी में उनकी कथित गर्लफ्रेंड करीना शूलियाक (Karina Shuliak) से जुड़ी नई कहानी सामने आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि एपस्टीन किस तरह इमिग्रेशन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल अपने प्रभाव क्षेत्र की महिलाओं पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए करता था।
वीज़ा स्टेटस को लेकर परेशान थीं शूलियाक
दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में करीना शूलियाक अपने अमेरिकी वीज़ा स्टेटस को लेकर चिंतित थीं। उसी वर्ष उन्होंने एक अमेरिकी नागरिक से विवाह किया, जिसके बाद उन्हें ग्रीन कार्ड मिला और 2018 में अमेरिकी नागरिकता भी प्राप्त हो गई। नागरिकता मिलने के तुरंत बाद उन्होंने अपने पति से तलाक ले लिया। जारी फाइलों से यह भी सामने आया है कि एपस्टीन ने स्टूडेंट वीज़ा, अंग्रेज़ी भाषा पाठ्यक्रमों और कथित तौर पर फर्जी विवाहों का सहारा लिया, ताकि उसके संपर्क में आने वाली महिलाएं उसी स्थान पर रहें जहां वह चाहता था।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिला
2011 में शूलियाक का दाखिला Columbia University के डेंटल कॉलेज में कराया गया था। रिकॉर्ड में उल्लेख है कि उनका ट्रांसफर बेलारूस से हुआ था। फाइलों के अनुसार, एपस्टीन ने अपने प्रभावशाली संपर्कों और वकीलों के जरिए शूलियाक के वीज़ा स्टेटस को सुरक्षित करने की कोशिश की। इस सिलसिले में उसने ब्रिटिश निवेशक Ian Osborne से भी संपर्क किया था।
9 अक्टूबर 2013 को शूलियाक ने न्यूयॉर्क में विवाह किया। विवाह प्रमाणपत्र में उनका पता 301 ईस्ट 66वीं स्ट्रीट दर्ज था—यह वही स्थान बताया जाता है जहां एपस्टीन से जुड़ी कई महिलाएं और विशेष मेहमान ठहरते थे।
कई महिलाओं की फीस भरने का दावा
ईमेल और बैंक स्टेटमेंट्स के अनुसार, एपस्टीन ने कई महिलाओं की पढ़ाई के खर्च और अन्य शुल्क वहन किए। उसके कानूनी सलाहकार डैरेन इंडिक (Darren Indyke) द्वारा एक अन्य महिला के लिए वर्क वीज़ा आवेदन करने का भी उल्लेख है, हालांकि उस महिला का नाम दस्तावेजों में हटा दिया गया है। इन दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन प्रणाली की कमजोरियों का लाभ उठाकर अपने प्रभाव क्षेत्र में आने वाली महिलाओं पर नियंत्रण बनाए रखा। मामले से जुड़े खुलासों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस को जन्म दे दिया है।
यह भी देखें :

More Stories
कैलिफोर्निया में भारतीय छात्र की मौत, यूसी बर्कले में पढ़ रहा था श्रीनिवासैया
साऊदी-कतर के बीच समझौता : 300 की रफ्तार से रेगिस्तान में दौड़ेगी ट्रेन
निखिल गुप्ता का बड़ा कबूलनामा, कोर्ट में पन्नू की हत्या की साजिश स्वीकार