टोरंटो, 6 जनवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने संबंधी टिप्पणी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद और तेज़ हो गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनके गवर्नर जनरल और विदेश मंत्री फरवरी की शुरुआत में ग्रीनलैंड का दौरा करेंगे। मार्क कार्नी का यह बयान उस समय आया है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने डेनमार्क के अधीन स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड का नियंत्रण अमेरिका के हाथों में लेने की बात कही थी। इससे पहले ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने जैसी टिप्पणी भी कर चुके हैं।
डेनमार्क और ग्रीनलैंड का भविष्य उनके लोगों के हाथ में
पेरिस स्थित कनाडा के दूतावास में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन से मुलाकात के दौरान मार्क कार्नी ने कहा, “ग्रीनलैंड और डेनमार्क का भविष्य केवल डेनमार्क के लोगों द्वारा ही तय किया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि ग्रीनलैंड द्वीप का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा आर्कटिक सर्कल के ऊपर स्थित है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
नाटो के अस्तित्व पर सवाल
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप की टिप्पणी पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की, तो इससे नाटो जैसे सैन्य गठबंधन का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते विवाद से वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे का असर अमेरिका, यूरोप और नाटो देशों के संबंधों पर पड़ सकता है।
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