श्रीनगर, 14 जनवरी : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में 5 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। यह कदम राज्य सरकार द्वारा आतंकवादियों से संभावित संबंध रखने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है।
बर्खास्त कर्मचारियों की सूची
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में अधियाापक मुहम्मद इश्फाक, प्रयोगशाला तकनीशियन तारिक अहमद शाह, सहायक लाइनमैन अहमद मीर, जंगलात विभाग के कर्मचारी फारूक अहमद भट्ट और स्वास्थ्य विभाग के चालक मुहम्मद यूसुफ शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कर्मचारियों का संबंध आतंकवादी संगठनों से था, और वे इन समूहों के लिए काम कर रहे थे।
प्रशासन का उद्देश्य
एक अधिकारी के अनुसार, बर्खास्तगी का उद्देश्य “सरकारी तंत्र के भीतर मौजूद आतंकवादी ढांचे और उसकी जड़ों को निशाना बनाना” है। इसके तहत पहले भी कई कर्मचारियों को निशाना बनाया जा चुका है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अब तक कुल 85 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है, जो आतंकवादी समूहों के लिए काम करते पाए गए थे।
आतंकवाद से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई
कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकार की बर्खास्तगी यह संकेत देती है कि आतंकवाद से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अब तेज़ कर दी गई है। इस कार्रवाई से यह भी संदेश जाता है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों को राज्य की संवेदनशील सरकारी तंत्र में घुसने नहीं देगा।
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