सुल्तानपुर लोधी, 6 जनवरी : राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से ओमान में फंसी पांच पंजाबी युवतियों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। इनमें से एक पीड़िता, जो जालंधर जिले की रहने वाली है, सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंची और अपनी दर्दनाक आपबीती साझा की। पीड़िता ने बताया कि अगर संत बलबीर सिंह सीचेवाल समय रहते हस्तक्षेप न करते, तो उनका भारत लौट पाना शायद संभव नहीं होता।
पीड़िता के परिवार ने 16 दिसंबर 2025 को संत सीचेवाल से संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत विदेश मंत्रालय के समक्ष मामला उठाया। इसके चलते महज 14 दिनों के भीतर पीड़िता की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
रोजगार का सपना दिखाकर विदेश ले जाया गया
पीड़िता ने बताया कि वह 30 दिसंबर को चार अन्य लड़कियों के साथ भारत पहुंची। संत सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर ओमान में फंसी करीब 70 भारतीय युवतियों की सुरक्षित वापसी की भी मांग की है। पीड़िता के अनुसार, सितंबर महीने में उसे अच्छे रोजगार का झांसा देकर विदेश ले जाया गया था। लेकिन ओमान पहुंचते ही उसे पता चला कि उसे 1200 रियाल के बदले बेच दिया गया है।
अपने ही रिश्तेदार ने दिया धोखा
पीड़िता ने खुलासा किया कि इस पूरे मामले में उसे फंसाने वाली कोई और नहीं, बल्कि उसकी अपनी मामी थी, जो उसे ओमान छोड़कर खुद भारत लौट आई। मामी के धोखे के कारण ओमान में बिताए चार महीने उसकी जिंदगी के सबसे भयावह दिन रहे। पीड़िता ने बताया कि वहां उसे जबरन गलत कामों के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसके साथ बदसलूकी और मारपीट होती थी। जब उसने भारत वापस भेजने की मांग की तो उससे दो लाख रुपये या भारत से दो और लड़कियां भेजने का दबाव बनाया गया।
करीब 70 भारतीय युवतियां एक जैसी हालत में फंसी
किसी तरह जान बचाकर पीड़िता एक सुरक्षित स्थान तक पहुंची, जहां पहले से करीब 70 अन्य भारतीय युवतियां इसी तरह के हालात में फंसी हुई थीं। वहां एक महीने तक रहने के दौरान उसे पता चला कि मस्कट, ओमान में लड़कियों को बुलाकर संगठित तरीके से शोषण किया जा रहा है।
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