February 4, 2026

वन विभाग के गार्ड और दिहाड़ीदार 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

वन विभाग के गार्ड और दिहाड़ीदार 20 हजार...

चंडीगढ़, 28 जनवरी : पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के गार्ड कुलदीप सिंह और दिहाड़ीदार दर्शन सिंह मेठ को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी वन रेंज कार्यालय नकोदर, जिला जालंधर में तैनात थे। राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई गांव संघोवाल, सब-तहसील महितपुर, जिला जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।

लकड़ी बीनने पर झूठा केस दर्ज करने की धमकी

प्रवक्ता के अनुसार शिकायतकर्ता एक मजदूर है। घरेलू गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद वह घरेलू उपयोग के लिए महितपुर–जगराओं सड़क के किनारे लगे पेड़ों से लकड़ी के छोटे टुकड़े एकत्र कर रहा था। इसी दौरान आरोपी गार्ड कुलदीप सिंह और दिहाड़ीदार दर्शन सिंह मेठ मौके पर पहुंचे और उसे धमकाया कि उसके खिलाफ सरकारी लकड़ी चोरी का मामला दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही उसका मोटरसाइकिल भी जब्त कर लिया गया।

मोटरसाइकिल छोड़ने के बदले मांगी रिश्वत

इसके बाद शिकायतकर्ता ने दर्शन सिंह मेठ से संपर्क किया। उसने बताया कि गार्ड कुलदीप सिंह मोटरसाइकिल छोड़ने के बदले 20,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार मिन्नत करने के बावजूद दर्शन सिंह लगातार रिश्वत की मांग करता रहा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग से संबंधित बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो से की।

जाल बिछाकर दोनों आरोपी गिरफ्तार

प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस ब्यूरो ने दोहराया कि राज्य सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की है और आम लोगों को परेशान करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

यह भी देखें : पंजाब सरकार ने 21 सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपलों की तैनाती के आदेश जारी किए