अमृतसर, 28 फरवरी : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से सेवामुक्त किए जाने के बाद ज्ञानी रघबीर सिंह ने कमेटी के खिलाफ खुलासे करने शुरू कर दिए हैं। पूर्व जत्थेदार, श्री अकाल तख्त साहिब और सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व मुख्य ग्रंथी रहे रघबीर सिंह ने एक बार फिर एसजीपीसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
“महान संस्था पर एक परिवार का कब्जा”
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी संगत और गुरुद्वारों की सेवा-संभार के लिए बड़ी कुर्बानियों के बाद अस्तित्व में आई थी। यह शहीदों की महान संस्था है, लेकिन अब इस पर एक परिवार का कब्जा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारियों को ऊंचे पदों से नवाजा जा रहा है और पारदर्शिता की कमी है।
करोड़ों रुपये की बकाया राशि का आरोप
ज्ञानी रघबीर सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2023 से हरिमंदिर साहिब से गुरबाणी का प्रसारण करने वाले एक चैनल से 7 से 8 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूल नहीं की जा रही। उनके अनुसार यह राशि प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक बनती है। उन्होंने कहा कि कमेटी में इस समय भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।
इन आरोपों के बाद धार्मिक और सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, एसजीपीसी की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
यह भी देखें : हाईकोर्ट ने पादरी अंकुर नरूला की गतिविधियों पर जारी किया नोटिस

More Stories
टी.ई.टी. सबंधी मीटिंग आगे बढ़ाने से नाराज अध्यापक 2 मार्च को करेंगे प्रदर्शन
बरनाला में राहुल गांधी की रैली आज, 2027 चुनावों का चढ़ेगा रंग
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पाठ्य-पुस्तकों के लिए नई प्रणाली लागू की