January 7, 2026

पंजाब भर में सरकारी बसों का चक्का जाम, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन

पंजाब भर में सरकारी बसों का चक्का जाम...

पटियाला/बठिंडा, 28 नवम्बर : पंजाब सरकार द्वारा किलोमीटर स्कीम के तहत उपलब्ध करवाई जा रही बसों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पंजाब रोडवेज-पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से गुस्साए कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया और शुक्रवार सुबह 6 बजे से पटियाला के नए बस स्टैंड को बंद कर सरकार और मैनेजमेंट के खिलाफ रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।

यूनियन नेताओं को गिरफ्तार का कड़ा विरोध

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब रोडवेज-पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेस कुमार विक्की ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों से अपने वादे से मुकरते हुए किलोमीटर स्कीम के तहत बसें उपलब्ध करवाने का टेंडर खोलने के लिए आज (28 नवंबर) यूनियन नेताओं को गिरफ्तार कर हिरासत में ले रही है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूनियन ने विरोध में पटियाला बस स्टैंड को बंद कर दिया है और अन्य जगहों पर भी विरोध जताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पटियाला बस स्टैंड पर अखंड पाठ साहिब का पाठ होता है, फिर भी उन्हें बस स्टैंड बंद करने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी कीमत पर बसें उपलब्ध कराने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

किलोमीटर स्कीम के विरोध में पानी की टंकी पर प्रदर्शन

किलोमीटर स्कीम के विरोध में पीआरटीसी और पनबस ठेका मज़दूर यूनियन ने आज सुबह बठिंडा में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी बठिंडा डिपो में पेट्रोल की बोतलें लेकर पानी की टंकी पर भी चढ़ गए। प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो अध्यक्ष हरतार शर्मा, चेयरमैन रविंदर सिंह, कालूवंत सिंह मणेस और अन्य नेताओं ने किया।

इस बीच, बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और कई प्रदर्शनकारी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, हिरासत में लिया गया और बसों के माध्यम से विभिन्न पुलिस थानों में भेज दिया गया।

संघर्ष तेज किया जाएगा

यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि यूनियन ने किलोमीटर स्कीम के विरोध में आज सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक गेट रैली निकाली थी। उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है और गिरफ्तार साथियों को अविलंब रिहा किया जाना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो भाईचारे के संगठनों को साथ लेकर संघर्ष तेज किया जाएगा।