चंडीगढ़, 2 अप्रैल : चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड पाकिस्तान में बना ‘GHD’ प्रकार का हो सकता है। एजेंसियां सीमा पार हथियार सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं।
AGTF ने बनाई विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक विशेष टीम गठित की है। यह टीम तकनीकी, फोरेंसिक और खुफिया जानकारी के आधार पर हर एंगल से जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार का ग्रेनेड विस्फोट के बाद 20-25 टुकड़ों में बंट जाता है, जो 5 से 10 मीटर के दायरे में भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम होता है।
CCTV और फोरेंसिक जांच जारी
घटनास्थल से मिले सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। AGTF प्रमुख गुरमीत चौहान ने पहले ही चिंता जताई थी कि सीमा पार से आ रहे अवैध हथियार पंजाब के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती बन चुके हैं। 2022 के बाद से राज्य में 2800 से अधिक हथियार बरामद किए जा चुके हैं।
विदेशी हैंडलर्स और मॉड्यूल्स पर फोकस
जांच अब विदेशों में बैठे हैंडलर्स और उनके इशारों पर काम करने वाले मॉड्यूल्स तक पहुंचने पर केंद्रित है। शक है कि स्थानीय स्तर पर भी लॉजिस्टिक और रेकी में सहयोग दिया गया। जांच एजेंसियां अन्य राज्यों, खासकर दक्षिण भारत से जुड़े संभावित लिंक की भी पड़ताल कर रही हैं। इसे बड़े नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। इस हमले को कुछ पुराने मामलों से भी जोड़ा जा रहा है, जिनमें इसी तरह के हथियारों के इस्तेमाल के संकेत मिले थे।
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