न्यूयार्क, 13 सितंबर : सीनेट ने अमेरिका में भारत के नए राजदूत के रूप में सर्जियो गोर की नियुक्ति पर सुनवाई की। गोर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है। कई सीनेटरों ने व्हाइट हाउस तक उनकी सीधी पहुँच की सराहना की, लेकिन उनकी कार्यशैली और संतुलन बनाने की क्षमता पर भी सवाल उठाए।
सीनेटर बिल हैगर्टी ने गोर को “इस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त” बताया और कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के विचारों को सीधे भारत तक पहुँचा सकेंगे। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी गोर का पुरज़ोर समर्थन करते हुए कहा कि भारत को एक ऐसे राजदूत की ज़रूरत है जिसकी राष्ट्रपति तक सीधी पहुँच हो। कुछ सीनेटरों ने गोर के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। सीनेटर जीन शाहीन ने पूछा कि क्या वह कर्मचारियों से राजनीतिक निष्ठा की अपेक्षा करेंगे। इस पर गोर ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करेंगे और उनके अनुभव का सम्मान करेंगे।
सीनेटर टिम केन ने पूछा कि भारत पर दबाव बनाते हुए साझेदारी को कैसे मज़बूत रखा जाएगा। गोर ने जवाब दिया कि ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच गहरी दोस्ती है और वह इस रिश्ते को और आगे ले जाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
सुनवाई से यह स्पष्ट हो गया कि गोर की सबसे बड़ी ताकत राष्ट्रपति के साथ उनके सीधे संबंध हैं। लेकिन सीनेट चाहती है कि वह इस पहुँच का इस्तेमाल भारत-अमेरिका संबंधों को मज़बूत करने और अमेरिकी दूतावास को पेशेवर ढंग से चलाने के लिए करें।
यह भी देखें : ‘फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश बनना चाहिए’, UN में भारत का जोरदार समर्थन

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