चंडीगढ़, 13 मार्च : पंजाब में वर्षों से लंबित संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ता (DA) के एरियर के भुगतान को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि जिन पेंशनरों को संशोधित पेंशन, लीव एनकैशमेंट और डीए एरियर का लाभ मिलना चाहिए, वह लाभ केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित न रहकर राज्य के सभी पात्र पेंशनरों को दिया जाए।
सभी योग्य पेंशनरों को मिले लाभ
जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार की पीठ ने सुरिंदर सिंह और अन्य से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि आदेश के अनुसार सभी पात्र पेंशनरों को देय लाभ सुनिश्चित किए जाएं और इस संबंध में तीन महीने के भीतर जिम्मेदार अधिकारी के हलफनामे के साथ अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि वे पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और राज्य के विभिन्न बोर्डों व निगमों से सेवानिवृत्त पेंशनर हैं। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की संशोधित पेंशन के एरियर जारी किए जाएं और 1 जुलाई 2015 से केंद्र के पैटर्न के अनुसार संशोधित डीए का भुगतान किया जाए। साथ ही देरी से भुगतान होने पर ब्याज देने की भी मांग रखी गई।
एरियर का इंतजार करते हुए 35 हजार से अधिक पेंशनरों का निधन
याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत को बताया कि 2016 से लंबित एरियर का इंतजार करते-करते अब तक 35 हजार से ज्यादा पेंशनरों का निधन हो चुका है। बढ़ती उम्र, महंगाई और इलाज के खर्चों के कारण पेंशनरों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि सरकार पहले ही संशोधित वेतन और डीए को स्वीकार कर चुकी है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा 2021 में अधिसूचित संशोधित वेतन नियमों का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि जब सरकार ने संशोधित पेंशन और डीए लागू कर दिया है, तो पात्र पेंशनरों को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता।

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