चंडीगढ़, 14 नवम्बर : अवैध प्रवास के मामले में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक युवक को डोंकी मार्ग से रूस भेजने के आरोपी को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति मनीषा बत्रा ने अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि राज्य के कई युवाओं को विदेश भेजने के बहाने उनसे पैसे ठगे जा रहे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। पंजाब राज्य के कई युवाओं को विदेश भेजने के बहाने उनसे पैसे ठगे जा रहे हैं और उन्हें रोज़ाना परेशान किया जा रहा है।
भाई को अवैध रूप से रूस भेज दिया
एक महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके भाई को जर्मनी भेजने के नाम पर उससे और उसके भाई से 8.10 लाख रुपये ठगे थे। आरोप है कि आरोपी ने उसके भाई को अवैध रूप से रूस भेज दिया था, जहाँ उसे युद्ध में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था। यह भी आरोप लगाया गया था कि उसके परिवार को संदेश मिला था कि उसके भाई की मृत्यु हो गई है और उसके भाई का शव मांगने पर उनसे पैसे मांगे गए थे।
जर्मनी भेजने का आश्वासन दिया गया था
आरोपी के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता का भाई टूरिस्ट वीज़ा पर रूस गया था और उसे गधे के रास्ते नहीं भेजा गया था। यह भी दलील दी गई कि पीड़ित की रूसी सेना में भर्ती से आरोपी का कोई लेना-देना नहीं है। अदालत ने कहा कि आरोपी पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के भाई को जर्मनी जाने के लिए उकसाया और उससे मोटी रकम लेकर उसे टूरिस्ट वीज़ा पर रूस भेज दिया।
अदालत ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता के भाई को जर्मनी भेजने का आश्वासन दिया गया था, हालाँकि उसके पक्ष में कोई वैध वीज़ा जारी नहीं किया गया था। अगर आरोपियों को हिरासत में पूछताछ से वंचित रखा जाता है, तो कई खामियाँ और कमियाँ रह जाएँगी जो जाँच को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, अदालत ने अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी।
यह भी देखें : सरकार बागवानी क्षेत्र और किसानों के विकास के लिए काम कर रही है : मोहिंदर भगत

More Stories
मुख्यमंत्री मान की जत्थेदार से स्पष्टीकरण के समय लाइव टेलीकास्ट की अपील
पहाड़ों में बर्फबारी से बर्फीली हवाओं ने से पंजाब में बढ़ी सर्दी
NIA कोर्ट ने आतंकी गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित किया