चंडीगढ़, 18 फरवरी : पंजाब के गिरफ्तार और निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ अदालत में सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। भुल्लर पर अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (2018 संशोधित) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 61(2) के तहत मुकदमा चलेगा। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, चंडीगढ़ द्वारा की गई जांच पर आधारित है।
सीवीसी की सिफारिश के बाद कार्रवाई
गृह मंत्रालय ने जांच रिकॉर्ड की गहन समीक्षा के बाद मामला केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भेजा था। सीवीसी ने प्रारंभिक तौर पर ठोस साक्ष्य मिलने के बाद अभियोजन चलाने की सिफारिश की थी।
इस बीच सीबीआई ने चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में भ्रष्टाचार मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी तय की है। यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट बीएनएसएस की धारा 193(9) के तहत दायर की गई है।
डिजिटल डेटा में नया आपत्तिजनक सामग्री नहीं
अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन से निकाले गए डिजिटल डेटा के विश्लेषण में कोई नई आपत्तिजनक सामग्री सामने नहीं आई है। जांच में रिश्वत की मांग, स्वीकार या बरामदगी में किसी अन्य सरकारी कर्मचारी या निजी व्यक्ति की संलिप्तता का भी कोई नया साक्ष्य नहीं मिला है। हालांकि, जब्त दस्तावेजों, मोबाइल डेटा और पूछताछ के दौरान हुए खुलासों से चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों द्वारा कथित अवैध रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग से जुड़े कुछ संदिग्ध लेन-देन के संकेत जरूर मिले हैं। सीबीआई ने अदालत से मुख्य और सप्लीमेंट्री दोनों चार्जशीट का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
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