श्रीनगर, 15 नवम्बर : दो किलो सोडियम नाइट्रेट… और दिल्ली दहल गई। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में आतंकियों ने आरडीएक्स की जगह अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया था। वहीं, यह धमाका फरीदाबाद से ज़ब्त किए गए और श्रीनगर के नौगाम थाने में रखे अमोनियम नाइट्रेट से हुआ। इससे 10 लोगों की मौत हो गई और 29 लोग घायल हो गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने खुलासा किया है कि दिल्ली ब्लास्ट में दो किलोग्राम से ज़्यादा अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था। पहले आतंकी हमलों में आरडीएक्स का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब आतंकी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। क्या आप जानते हैं कि अमोनियम नाइट्रेट कितना खतरनाक है?
अमोनियम नाइट्रेट क्या है?
अमोनियम नाइट्रेट का रासायनिक सूत्र NH4NO3 है। यह अमोनिया (NH3) और नाइट्रिक अम्ल (HNO3) की अभिक्रिया से बनता है। यह एक सिंथेटिक पाउडर है। इसका उत्पादन कई देशों में होता है।
यह कितना खतरनाक है?
150 किलो अमोनियम नाइट्रेट और दो से तीन किलोमीटर तक तबाही… कितना खतरनाक है ये। दिल्ली ब्लास्ट में सिर्फ़ दो किलो विस्फोटक इस्तेमाल हुआ था। इसकी सस्ती और आसानी से उपलब्धता के कारण, आतंकवादी इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल करने लगे हैं। आग लगने पर यह एक शक्तिशाली विस्फोट करता है।
आर.डी.एक्स. क्या है?
आरडीएक्स ( रॉयल डिमोलिशन एक्सप्लोसिव ) आसानी से उपलब्ध नहीं है। यह इतना खतरनाक है कि यह लोहे या कंक्रीट से बनी दीवारों को चंद सेकंड में ध्वस्त कर सकता है। इसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया जाता है। आरडीएक्स की थोड़ी सी मात्रा भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। आरडीएक्स आसानी से उपलब्ध नहीं है।

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