March 15, 2026

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर: कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर: कई राज्यों में ...

लखनऊ/भोपाल/जयपुर, 15 मार्च : देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से आंधी और बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार आज उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। यहां 10 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश में 12 जिलों में बारिश की संभावना

मध्य प्रदेश के 12 जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। हालांकि राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पिछले तीन दिनों से तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 40.4°C दर्ज किया गया, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है।

उत्तराखंड के 12 जिलों में आंधी-बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बिगड़ा हुआ है। उत्तराखंड के 12 जिलों में आंधी-बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने को कहा है।

क्या होता है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस

पश्चिमी विक्षोभ, जिसे अंग्रेजी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली है। यह मुख्य रूप से यूरोप और भूमध्य सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश करती है। जब यह प्रणाली भारत पहुंचती है तो मैदानी इलाकों में बारिश और हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होती है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों से टकराने पर बादल बर्फबारी का कारण बनते हैं, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी वर्षा की संभावना बढ़ जाती है।

कृषि और जल संसाधनों पर भी पड़ता है असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ भारत के मौसम का एक महत्वपूर्ण कारक है। यह न केवल तापमान और वर्षा को प्रभावित करता है, बल्कि कृषि और जल संसाधनों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ता है।