नई दिल्ली, 18 फरवरी : भारत और फ्रांस ने मंगलवार को 21 समझौतों पर हस्ताक्षर कर द्विपक्षीय संबंधों को “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” तक विस्तार दिया। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत-फ्रांस साझेदारी को वैश्विक स्थिरता की ताकत बताया। मुंबई में व्यापक वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने कर्नाटक के वेमगल में एयरबस H-125 हेलीकॉप्टरों की असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया।
रक्षा और उच्च तकनीक पर जोर
दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, उच्च प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में कुल 21 समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें रक्षा सहयोग पर एक अहम समझौता तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और फ्रांसीसी रक्षा कंपनी Safran के बीच भारत में हैमर मिसाइलों के निर्माण को लेकर साझेदारी शामिल है। इसके अलावा भारतीय और फ्रांसीसी सेनाओं के बीच अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती के लिए भी एक अलग समझौता किया गया।
हेलीकॉप्टर निर्माण से ‘मेक इन इंडिया’ को बल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो Mount Everest की ऊंचाई तक उड़ान भर सके और इसे पूरी दुनिया में निर्यात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “भारत-फ्रांस साझेदारी की कोई सीमा नहीं है—यह गहरे समुद्र से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक पहुंच सकती है।”
वैश्विक चुनौतियों पर साझा रुख
रूस-यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में विश्वास रखते हैं। दोनों नेताओं ने सभी रूपों में आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह भी देखें : फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों भारत पहुंचे, प्रधानमंत्री मोदी से होगी मुलाकात

More Stories
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों भारत पहुंचे, प्रधानमंत्री मोदी से होगी मुलाकात
किली चहलां रैली पर विवाद, पीएमओ को लिखी शिकायत
एपस्टीन फाइल्स विवाद के बीच बिल गेट्स एआई इम्पैक्ट समिट से बाहर